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PM Narendra Modi Live प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं

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PM Modi Speech HIGHLIGHTS: To battle Covid-19, Rs 20,00,000 crore ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं. उनका यह संबोधन कोरोना वायरस संकट और भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव के बीच हो रहा है. एक जुलाई से अनलॉक 2.0 के दिशानिर्देश भी लागू हो जाएंगे.

मोदी सरकार ने चीन पर की डिजिटल स्ट्राइक, TikTok समेत 59 चाइनीज ऐप बैन

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59 chinese apps ban
सरकार ने अलग अलग तरीके के 59 मोबाइल एप को देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रखने वाला बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें चीन के एप टिकटॉक, शेयरइट और वीचैट जैसे एप भी शामिल हैं।
आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं।
इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एप ‘‘उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें भारत के बाहर स्थित सर्वर को अनधिकृत तरीके से भेजते हैं।’’
बयान में कहा गया, ‘‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति शत्रुता रखने वाले तत्वों द्वारा इन आंकड़ों का संकलन, इसकी जांच-पड़ताल और प्रोफाइलिंग, आखिरकार भारत की संप्रभुता और अखंडता पर आधात है, यह बहुत अधिक चिंता का विषय है, जिसके लिए आपातकालीन उपायों की जरूरत है।’’
गृह मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने इन दुर्भावनापूर्ण एप्स पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की सिफारिश भी की थी।
बयान में कहा गया है, ‘‘इनके आधार पर और हाल ही में विश्वसनीय सूचनाएं मिलने पर कि ऐसे ऐप भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा हैं, भारत सरकार ने मोबाइल और गैर-मोबाइल इंटरनेट सक्षम उपकरणों में उपयोग किए जाने वाले कुछ एप के इस्तेमाल को बंद करने का निर्णय लिया है।’’
बयान में कहा गया है कि यह कदम ‘‘करोड़ों भारतीय मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के हितों की रक्षा करेगा। यह निर्णय भारतीय साइबरस्पेस की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है।’’

Here is the full list of apps that have been banned:

1. TikTok
2. Shareit
3. Kwai
4. UC Browser
5. Baidu map
6. Shein
7. Clash of Kings
8. DU battery saver
9. Helo
10. Likee
11. YouCam makeup
12. Mi Community
13. CM Browers
14. Virus Cleaner
15. APUS Browser
16. ROMWE
17. Club Factory
18. Newsdog
19. Beutry Plus
20. WeChat
21. UC News
22. QQ Mail
23. Weibo
24. Xender
25. QQ Music
26. QQ Newsfeed
27. Bigo Live
28. SelfieCity
29. Mail Master
30. Parallel Space
31. Mi Video Call — Xiaomi
32. WeSync
33. ES File Explorer
34. Viva Video — QU Video Inc
35. Meitu
36. Vigo Video
37. New Video Status
38. DU Recorder
39. Vault- Hide
40. Cache Cleaner DU App studio
41. DU Cleaner
42. DU Browser
43. Hago Play With New Friends
44. Cam Scanner
45. Clean Master - Cheetah Mobile
46. Wonder Camera
47. Photo Wonder
48. QQ Player
49. We Meet
50. Sweet Selfie
51. Baidu Translate
52. Vmate
53. QQ International
54. QQ Security Center
55. QQ Launcher
56. U Video
57. V fly Status Video
58. Mobile Legends
59. DU Privacy

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की

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Sushant Singh Rajput Lifestyle, Wiki, Net Worth, Income, Salary ...

बॉलीवुड से एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है. मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई में अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी है. सुशांत के नौकर द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद मुंबई पुलिस मौके पर पहुंची. 
पुलिस के मुताबिक अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं लगा है. हालांकि, उसका कहना है कि अभिनेता बीते छह महीने से डिप्रेशन से गुजर रहे थे. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सुशांत डिप्रेशन को कम करने के लिए श्री श्री रविशंकर के ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की मदद ले रहे थे.
सुशांत सिंह राजपूत बॉलीवुड के बेहद लोकप्रिय अभिनेता थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी एक्टर के तौर पर की थी. एकता कपूर के धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ से उन्हें काफी पहचान मिली थी.
इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था. वे फिल्म ‘काय पो छे’ में प्रमुख भूमिका में नजर आए थे. इसके बाद वे ‘शुद्ध देसी रोमांस’ में वाणी कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ दिखे थे. हालांकि उन्होंने सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का किरदार निभा कर बटोरी थी. ये सुशांत के करियर की पहली फिल्म थी जिसने सौ करोड़ रुपए कमाए थे. सुशांत सिंह फिल्म ‘सोनचिड़िया’ और ‘केदारनाथ’ जैसी फिल्मों में भी नजर आये थे. उनकी आखिरी फिल्म ‘छिछोरे’ थी, जिसकी कहानी खुदकुशी के विचारों पर केंद्रित थी.
बीते हफ्ते ही सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन ने भी आत्महत्या कर ली थी. दिशा ने मुंबई के मलाड स्थित एक बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान दे दी थी. इस मामले की जांच जारी है.
Source - Satyagrah

दिल्ली: अमित शाह और केजरीवाल की बैठक में कई अहम फैसले, कोरोना टेस्टिंग की रफ्तार तीन गुनी होगी

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दिल्ली: अमित शाह और केजरीवाल की बैठक में कई अहम फैसले, कोरोना टेस्टिंग की रफ्तार तीन गुनी होगी

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने आज एक बैठक की. इस बैठक में दिल्ली में कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट के जरिये बैठक में लिये गए फैसलों के बारे में जानकारी दी है.
गृह मंत्री ने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बेड की कमी को देखते हुए केंद्र ने तुरंत 500 रेलवे कोच दिल्ली सरकार को देने का निर्णय लिया है. इन कोचों से दिल्ली में 8000 बेड बढ़ेंगे. उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अगले दो दिन में कोरोना की टेस्टिंग को बढ़ाकर दो गुना किया जायेगा और छह दिन बाद टेस्टिंग को बढाकर तीन गुना कर दिया जाएगा. साथ ही कुछ दिन के बाद कंटेनमेंट जोन में हर पोलिंग स्टेशन पर टेस्टिंग की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी. गृह मंत्री के मुताबिक दिल्ली के कंटेनमेंट ज़ोन में ट्रेसिंग अच्छे से हो पाए इसके लिए घर-घर जाकर हर एक व्यक्ति का व्यापक स्वास्थ्य सर्वे किया जायेगा, जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आ जाएगी.
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गृह मंत्री अमित शाह अपने एक अन्य ट्विट में यह भी कहा कि दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए कोरोना बेड में से 60 फीसदी बेड कम पैसों में उपलब्ध कराने, कोरोना उपचार व टेस्टिंग फ़ीस तय करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है. यह कमेटी सोमवार तक अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इस सब के अलावा केंद्र सरकार ने दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के मकसद से दिल्ली सरकार को अपने और पांच वरिष्ठ अधिकारी देने का निर्णय लिया है.
Source - Satyagrah

क्या समय रहते जागी है केंद्र सरकार, या देर हो जाने के बाद ख़्याल आया है दिल्ली का

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Maken Urges NHRC to Ensure 70% Hospital Beds in Delhi Are Kept for ...

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि चेन्नई और मुंबई की तुलना में दिल्ली में टेस्ट कम क्यों हो रहे हैं? दिल्ली में टेस्टिंग एक दिन में 7000 से 5000 क्यों हो गई? कोर्ट ने अस्पतालों की तैयारियों को लेकर भी सवाल किए थे। हैरानी की बात है कि 2 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 5000 टेस्ट हो रहे थे?
दिल्ली जनमत की फैक्ट्री है। यह वो भौगोलिक प्रदेश हैं जहां सबसे अधिक टीवी रिपोर्टर हैं। चाहें आप जितना भी प्रोपेगैंडा कर लें लेकिन अपने शहर में बदहाली की खबरों से होश तो उड़ते ही हैं। क्योंकि इस संक्रमण की चपेट में सब आ रहे हैं। ज़ाहिर है यहां अखबारों और चैनलों पर लोगों का दबाव अलग तरीके से काम करता। यहां से उठने वाली ख़बरों की लहरों का असर देश भर में भी होता। 
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी कहना पड़ा कि हम सैंकड़ों लोगों को भर्ती कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों की दिक्कतों को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जा रहा है। हम मीडिया को सलाम करते हैं कि कमियां सामने ला रहा है। हमने सरकारी एप की कमी को तुरंत ठीक भी किया। हम आगे भी सुधार करेंगे। मीडिया को दोष देना का बहुत स्कोप नहीं था। 
स्कोप दूसरी एजेंसियों के लिए भी नहीं बचा जब केजरीवाल ने कह दिया कि 31 जुलाई तक 1 लाख बिस्तरों की ज़रूरत पड़ेगी। हमसे जितना हो सकेगा, हम कर रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र के पास भी स्कोप नहीं बचा कि वो दिल्ली को केजरीवाल के भरोसे छोड़ दे। मैं नहीं कहता कि मेरी बात का असर है लेकिन लगातार देस की बात में कह रहा था कि अगर केजरीवाल का अनुमान सही है तो फिर इसमें केंद्र और उसके अस्पतालों की क्या भूमिका है? मैं पूछा करता था कि एम्स अस्पताल जिसका बजट 3600 करोड़ का है उसकी क्या भूमिका है? दिल्ली में केंद्र के अस्पतालों का बजट 6000 करोड़ से अधिक है। पूरी दिल्ली का स्वास्थ्य बजट 7700 करोड़ है। केंद्र को अपनी भूमिका स्प्ट करनी ही थी। एम्स के डाक्टर भी टेलिमेडिसिन से मदद करेंगे। यह काम तो पहले दिन हो जाना चाहिए था। 
आखिर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि दिल्ली के छोटे अस्पतालों तक कोरोना के लिए सही जानकारी व दिशा निर्देश देने के लिए मोदी सरकार ने AIIMS में Telephonic guidance के लिए वरिष्ठ डॉक्टर्स की एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। जिससे नीचे तक सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों का संचार किया जा सके। इसका हेल्पलाइन नंबर जारी हो जाएगा। इस तरह का कमांड सेंटर बनाने का सुझाव प्राइम टाइम में डॉ मैथ्यू वर्गीज ने दिए दे और कई जगहों पर लिखा भी है। दो महीना पहले। 
24 मार्च को तालाबंदी हुई थी। 80-85 दिन हो गए, केंद्र और राज्य या सभी सरकारें मिलकर इस महामारी का मुकाबला कर रही हैं, ऐसा दावा किया जा सकता है मगर भरोसा कम होता है। सीमित संसाधनों का व्यावहिक बंटवारा कम दिखता है। तेलंगामना अपनी राह पर चल रहा है तो अहमदाबाद अपनी राह पर। 
30 जनवरी को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की शब्दावलियों में इससे बडी चेतावनी नहीं है। 11 मार्च को इसे वैश्विक महामारी घोषित किया गया लेकिन वो सिर्फ नाम देने की प्रक्रिया थी। सबसे बड़ी चेतावनी 30 जनवरी को जारी की गई, नेता इस तारीख की याद नहीं दिलाते वर्ना उनसे जवाब देते नहीं बनेगा कि 30 जनवरी से 24 मार्च तक आपने क्या किया। वो 11 मार्च की याद दिलाते हैं कि हमने 10-12 दिनों के भीतर तालाबंदी का फैसला लिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किसी देश से तालाबंदी करने की बात नहीं की थी। 

विषयांतर हो गया मगर यह ज़रूरी थी। तभी से विश्व स्वास्थ्य गठन टेस्टिंग टेस्टिंग और टेस्टिंग की बात कर रहा था। भारत ने भी की मगर जल्दी ही नियमों के सहारे टेस्टिंग को सीमित किया जाने लगे। अब जाकर नीति आयोग के अमिताभ कांत ने ट्विट किया है कि कुछ राज्य या शहर सोच रहे हैं कि वो कोविड 19 के संकट को बिना टेस्ट के मैनेज कर लेंगे। यह संभव नहीं है। केरल, कर्नाटक और कोरिया से पता चलता है कि टेस्टिं ट्रेसिंग ट्रीटमेंट से ही लड़ा जा सकता है। नीति आयोग को बताना चाहिए कि कौन से राज्य और कौन से शहर में टेस्टिंग कम हो रही है, उनकी टेस्टिंग करने की क्षमता क्या है, क्यों कम हो रही है?
भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 9195 हो गई है। कुल संक्रमित केस 3, 20, 922 केस हो चुके हैं और पहली बार 24 घंटे में 11, 929 पोजिटिव केस आए हैं।

80-85 दिनों बाद गृहमंत्री अमित शाह कहते हैं कि दिल्ली में दो दिनों में टेस्टिंग दोगुनी हो जाएगी और छह दिनों में तीन गुनी। सवाल है कि उनका मंत्रालय देश भर में आपदा प्रबंध का मुखिया है। उन्हें बताना चाहिए कि उनके चाहने से कैसे छह दिनों में दिल्ली में टेस्टिंग तीन गुनी बढ़ जाती है? उत्तराखंड, गुजरात या उत्तर प्रदेश और बिहार में क्यों नहीं बढ़ती है?
19 मई के आंकड़े के हिसाब से भारत में कुल 1 01, 475 टेस्ट हुए थे। कई दिनों तक 1 लाख के आस-पास ही टेस्टिंग होती रही। 3 जून को टेस्टिंग का आंकड़ा 1 37, 158 पर पहुंचता है और 13 जून को 143,737 है। अब डेढ़ लाख से अधिक हुई है। देश भर में टेस्टिंग की रफ्तार इतनी धीमी गति से क्यों बढ़ रही है? 
दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ कर 38,958 हो गए हैं। 2100 से अधिक मामले 24 घंटे में दर्ज हुए हैं अगर आप प्रतिदिन 2000 का भी हिसाब लगा लें तो 30 जून तक 32000 केस और बढ़ेंगे। आज की टेस्टिंग के हिसाब से। अगर टेस्टिंग ज़्यादा हुई तो संख्या और भी अधिक हो सकती है। दिल्ली सरकार का अनुमान है कि 31 जुलाई तक दिल्ली में साढ़े पांच लाख केस हो जाएंगे। ऐसा होता है या नहीं, चंद दिनों के बाद पता चल ही जाएगा।
दिल्ली में बिस्तरों की कमी होने जा रही है। सरकार अभी से आगाह कर रही है। अपनी तैयारी भी कर रही है। राज्य सरकार ने अगले एक हफ्ते में 20 हज़ार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने की योजना बनाई। दिल्ली के 40 छोटे बड़े होटल में करीब 4 हज़ार कोविड बेड बनाए जाएंगे। इन्हें दिल्ली के निजी अस्पतालों के साथ जोड़ दिया जाएगा। करीब 80 बैंक्वैट हॉल में 11 हज़ार कोविड बेड बनाए जाएंगे, इन्हें दिल्ली के नर्सिंग होम्स के साथ जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 10 से 49 बेड वाले नर्सिंग होम्स को कोविड बेड बनाया जा रहा है, जिससे करीब 5 हज़ार बेड की व्यवस्था हो जाएगी। ऐसे सभी नर्सिंग होम को आदेश दिया गया है कि तीन दिन के अंदर नर्सिंग होम को कोरोना के हिसाब से तैयार करें, ऐसा ना करने पर नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी
दिल्ली सरकार के मुताबिक दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में करीब 70% बेड भर चुके हैं। अनुमान है कि 30 जून तक दिल्ली में 15,000 बेड की जरूरत होगी और 15 जुलाई तक 33,000 बेड्स की ज़रूरत होगी। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्विट किया है कि दिल्ली के निजी अस्पताओं में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए निजी अस्पतालों के कोरोना बेड में से 60% बेड कम रेट में उपलब्ध कराने, कोरोना उपचार व कोरोना की टेस्टिंग के रेट तय करने के लिए डॉ. पॉल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गयी है जो कल तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
साथ ही दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े अस्पताल बाड़ा हिंदूराव अस्पताल को कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया है। साथ ही मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया गया है कि 16 जून तक अस्पताल के सभी बेड कोरोना मरीजों के लिए तैयार कर लें। बाड़ा हिंदूराव अस्पताल 1,000 बेड का अस्पताल है। 
दिल्ली में अब सब कुछ तेज़ गति से होता हुआ दिख रहा है। उम्मीद है अस्पतालों और डाक्टरों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा ताकि एक बेहतर सिस्टम बने। यह काम 24 मार्च से पहले या नहीं तो उसके दो हफ्ते के भीतर हो जाना चाहिए था। अभी भी इसी तरह से अन्य राज्यों और शहरों में करने की ज़रूरत है। 

Weather Update: देश के कई हिस्सों में आज होगी बारिश, जानें- आपके यहां कब होगी बारिश

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Weather Today HIGHLIGHTS: IMD predicts heavy rainfall in ...

दिल्ली एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के अंतर बारिश के अासार है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक और पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुक्रवार को दिल्ली एनसीआर के मौसम का मिजाज बदलेगा, जिसके कारण बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण पश्चिम मानसून ने गोवा के बाद शुक्रवार देर रात दक्षिण एवं तटीय महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में दस्तक दे दी। अगले दो दिनों में इसके और आगे बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में मानसून बिहार तक पहुंच सकता है।
हालांकि, बंगाल की खाड़ी में गहरा होता कम दबाव का क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल अगले 48 घंटों में बिहार में हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। इससे पहले मौसम विभाग ने शनिवार-रविवार के लिए मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 48 घंटे में महाराष्ट्र के कुछ अन्य हिस्सों में भी भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया।
मौसम विभाग के मुंबई केंद्र के उप महानिदेशक के एस होसलीकर ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून महाराष्ट्र पहुंच गया है। यह हरनई (तटीय रत्नागिरि जिले में), सोलापुर (दक्षिण महाराष्ट्र में), रामागुंडम (तेलंगाना) और जगदलपुर (छत्तीसगढ़) के ऊपर से गुजर रहा है।उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों में इसके आगे बढ़ने संभावना हैं। भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
24 घंटों में पूर्वोत्तर भारत के इन हिस्सों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, केरल, तटीय कर्नाटक, गंगीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा आंतरिक मानसून पहुंचने से कर्नाटक, कोंकण और गोवा, गुजरात क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं।
अगले दो दिन में बिहार पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में मानसून बिहार तक पहुंच सकता है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में गहरा होता लो प्रेशर एरिया और पश्चिमी विक्षोभ पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल अगले 48 घंटों में बिहार में हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं।
महाराष्ट्रः मानसून के आने के बाद झमाझम बारिश
महाराष्ट्र में पहले 10 जून तक मानसून पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि, करीब दो दिन देरी से पहुंचने के बावजूद महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों में तेज से बहुत तेज वर्षा दर्ज की गई। परभरनी में 190 मिमी, पालम में 90 मिमी भुम, मनवट और पाथरी में 70 मिमी और लातूर में 60 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। बता दें कि मौसम विभाग के मुताबिक 15.6 मिलीमीटर से लेकर 64.4 मिलीमीटर तक की बारिश सामान्य कही जाती है। जबकि इसके ऊपर वर्षा को भारी कहा जाता है।
Source - Jagran

एच-1बी वीजा पर रोक लगा सकता है अमेरिका

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Recent Changes To The H1B Visa Program And What Is Coming In 2019

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एच-1बी सहित कई ऐसे वीजा पर फिलहाल रोक लगाने की सोच रहे हैं जो विदेशों से रोजगार के लिए अमेरिका आने वालों को जारी किए जाते हैं. इसके पीछे की वजह कोरोना वायरस से अमेरिका में पैदा हुई भयानक बेरोजगारी मानी जा रही है. अगर ट्रंप प्रशासन ऐसा करता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय पेशेवरों को हो सकता है जिन्हें एच-1बी वीजा का सबसे ज्यादा फायदा मिलता है. अमेरिका में रह रहे हर चार एच-1 बी वीजाधारकों में से लगभग तीन भारतीय हैं. पहले ही इनमें से बहुत से लोगों की नौकरी जा चुकी है और वे या तो भारत आ चुके हैं या आने की तैयारी में हैं.
एच-1बी वीजा क्या होता है?
एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है. यह किसी कर्मचारी को अमेरिका में छह साल काम करने के लिए जारी किया जाता है. अमेरिका में कार्यरत कंपनियों को यह वीजा ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी हो. इस वीजा के लिए कुछ शर्तें भी हैं. जैसे इसे पाने वाले व्यक्ति को स्नातक होने के साथ किसी एक क्षेत्र में विशेष योग्यता हासिल होनी चाहिए. साथ ही इसे पाने वाले कर्मचारी की सैलरी कम से कम 60 हजार डॉलर यानी करीब 40 लाख रुपए सालाना होना जरूरी है.
इस वीजा की एक खासियत भी है कि यह अन्य देशों के लोगों के लिए अमेरिका में बसने का रास्ता भी आसान कर देता है, एच-1बी वीजा धारक पांच साल के बाद स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस वीजा की मांग इतनी ज्यादा है कि इसे हर साल लॉटरी के जरिये जारी किया जाता है. एच-1बी वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसी 50 से ज्यादा भारतीय आईटी कंपनियों के अलावा माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियां भी करती हैं.
Source - Satyagrah

बिहार : सीमा पर नेपाल पुलिस की फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत, दो घायल

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बिहार : सीमा पर नेपाल पुलिस की फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत, दो घायल

बिहार में सीमा पर नेपाल पुलिस की फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर है. यह घटना सीतामढ़ी जिले में हुई. फायरिंग में दो लोग घायल भी हुए हैं. इलाके में तैनात रहने वाले सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक (पटना फ्रंटियर) संजय कुमार ने कहा कि विवाद नेपाल सीमा में आवाजाही को लेकर हुआ. उनके मुताबिक हालात अब काबू में हैं.
बीते महीने भी बिहार में इस तरह की घटना हुई थी. तब कोरोना वायरस के चलते घोषित लॉकडाउन के दौरान सीमा पार करने की कोशिश कर रहे भारतीय किसानों को रोकने के लिए नेपाली पुलिस ने हवाई फायरिंग की थी. इन किसानों ने यहां मक्का की खेती के लिए जमीन पट्टे पर ले रखी है और वे फसल कटाई के लिए सीमा पार करना चाह रहे थे.
भारत और नेपाल के बीच संबंध कुछ समय से अच्छे नहीं चल रहे हैं. कल नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारत ने नकली काली नदी दिखाकर नेपाल का इलाका हड़प लिया है और वहां अपनी सेना तैनात कर दी है. केपी शर्मा ओली ने यह बात देश की संसद में कही. उन्होंने कहा कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा नाम के जिन इलाकों में भारत ने अतिक्रमण कर लिया है उन्हें नेपाल वापस अपने कब्जे में लेने के लिए प्रतिबद्ध है. काली नदी भारत और नेपाल की सीमा बनाती है.
नेपाल और भारत के बीच लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा क्षेत्र को लेकर तनाव चल रहा है. पिछले साल नेपाल सरकार ने एक नया नक्शा जारी किया था. इसमें लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल में दिखाया गया. उधर, भारत ने भी एक नया नक्शा जारी कर कालापानी को अपना हिस्सा बताया था. नेपाल सरकार नए नक्शे को कानूनी मान्यता देने के लिए हाल में संविधान संशोधन विधेयक भी लाने वाली थी, लेकिन भारत के कड़े विरोध के बाद आखिरकार उसे पीछे हटना पड़ा.
Source - Satyagrah

Covid 19 : अस्पतालों में इलाज के इंतजाम नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दिल्ली के हालात 'भयावह'

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Coronavirus: Two Indians, brought back to Kerala from UAE, test ...

सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने शुक्रवार को दिल्ली में कोरोना वायरस मरीजों के समुचित उपचार और शवों के साथ गरिमापूर्ण सलूक नहीं होने को लेकर सुनवाई की। बता दें कि, कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि दिल्ली में कोरोना जांच में कमी क्यों की गई है। न्यायमूर्ति शाह ने कहा है कि लाशों को अव्यवस्थित तरीके से रखा जा रहा है, आखिर ये हो क्या रहा है? उन्होंने इसके लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में शवों की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। मरीजों के परिवारों को भी मौतों के बारे में सूचित नहीं किया जा रहा है। कुछ मामलों में, परिवार अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए हैं।


कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कुछ परेशानियां है। कोरोना जांच घट रही है। पहले 7000 तक जांच की जा रही थी, लेकिन अब सिर्फ 5000 तक जांच की जा रही है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आपने जांच क्यों घटा दी है। जहां मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में जांच बढ़कर 15000 से 17000 तक पहुंच गई है, वहीं दिल्ली में इसमें कमी देखी जा रही है। दिल्ली के अस्पतालों में शवों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, हालात बेहद खराब हैं।

दिल्ली के अस्पतालों में शवों के रख रखाव की हालत बेहद चिंताजनक: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने कहा कि देश में हर रोज कोविड-19 के 10 हजार मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में जांच क्यों घटाई गई, ये समझ से परे है। दिल्ली सरकार ने जांच बढ़ाने के लिए क्या-क्या किया है, उसे ये बताना चाहिए। इसके अलावा दिल्ली के अस्पतालों में शवों के रख रखाव की हालत बेहद चिंताजनक है।

मामले पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से शवों को लेकर दिशानिर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज को लेकर सरकार काम कर रही है, लेकिन कल जो तस्वीरें सामने आईं वो काफी भयावह थी।

कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के बाद भी अगर राज्य इन्हें लागू नहीं कर रहे हैं, तो आप आखिर कर क्या रहे हैं? एक राज्य में लाश गटर में मिल रही है। अगर बेड हैं तो फिर सरकारी अस्पतालों की स्थिति क्या है?

केंद्र सरकार सहित कई राज्यों को कोर्ट ने दिया नोटिस

इस मामले पर अब शीर्ष अदालत ने दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कोर्ट ने दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल सहित राज्य सरकारों को इस मामले पर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया। कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वे रोगी प्रबंधन प्रणाली की स्थिति देखें और उचित स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

वहीं, अदालत ने केंद्र को भी नोटिस जारी करते हुए इस मुद्दे पर एक विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने सभी पक्षों को कोविड-19 रोगियों और संक्रमित लोगों के शवों के प्रबंधन के लिए उठाए गए कदमों पर 17 जून तक जवाब देने को कहा। वहीं, अब इस मामले में अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

Source - Amar Ujala

बॉलीवुड में करने वाली हैं एंट्री ऋतिक रोशन की कज़िन पश्मीना रोशन, देखें फोटोज

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ये हैं ऋतिक रोशन की कज़िन पश्मीना रोशन

यह हैं ऋतिक रोशन की कज़िन पश्मीना रोशन। पश्मीना ऋतिक के चाचा राजेश रोशन की बेटी हैं। राजेश ख़ुद सफल संगीतकार रहे हैं और राकेश रोशन के साथ कई फ़िल्मों में यादगार संगीत दिया है। अब बारी पश्मीना की है तो उन्हें सोशल मीडिया में इंट्रोड्यूस करने का बीड़ा ख़ुद ऋतिक ने उठाया।


पश्मीना जल्द बॉलीवुड में कदम रखने वाली हैं

2019 में पश्मीना के बारे में ख़बरें आयी थीं कि वो जल्द बॉलीवुड में अपनी अदाकारी की पारी शुरू कर सकती हैं।

पश्मीना रोशन की तस्वीर

हालांकि पश्मीना किस बैनर और किस फिल्म के साथ बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत करेंगे अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

पश्मीना डेब्यू पर ऋतिक की ख़ास नज़र

मुंबई मिरर में आयी रिपोर्ट के मुताबिक, पश्मीना को होम प्रोडक्शन के बजाए किसी बाहरी बड़े बैनर से लॉन्च करवाने की तैयारी चल रही है। ख़ुद ऋतिक रोशन पश्मीना की लॉन्चिंग की तैयारियों पर नज़र रखे हुए हैं।

पश्मीना थिएटर कलाकार हैं

पश्मीना थिएटर कलाकार हैं। उन्होंने जेफ गोल्डबर्ग के The Importance Of Being Earnest प्रोडक्शन में भाग लिया था। उन्होंने कई जाने-माने थिएटर कलाकारों से ट्रेनिंग ली है।

Source - Jagran 

Coronavirus India Update : दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में रिकॉर्ड उछाल, तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या

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Covid-19: India inches closer to 14,000 cases in highest single ...

देश में कोरोना महामारी के खिलाफ जारी जंग में कुछ राहत मिलती दिख रही है। देश में स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से ज्यादा हो गई है। कोरोना वायरस से संक्रमित अब तक 1,41,029 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। वहीं सक्रिय मरीजों की संख्या 1,37,448 है।

देश में अब तक संक्रमण की चपेट में आए लोगों का आंकड़ा बढ़कर 2.86 लाख और मरने वालों की संख्या 8,102 हो गई है। गुरुवार को दिल्ली में एक दिन में रिकॉर्ड 1877, उत्तर प्रदेश में 480, बंगाल में 440 और राजस्थान में 238 नए मामले दर्ज किए गए। वैश्विक स्तर पर कोरोना से कुल 4 लाख 20 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 75 लाख लोक संक्रमित हैं।

मध्य प्रदेश : हाथ चूमकर 'इलाज' करने वाले बाबा की कोरोना से मौत, 29 भक्त भी निकले पॉजिटिव

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हाथ चूमकर 'इलाज' करने वाले बाबा की कोरोना से मौत, 29 भक्त भी पॉजिटिव


झाड़फूंक, टोना-टोटका और अंधविश्वास के सहारे धर्म-कर्म से भोले-भाले लोगों की बीमारी और समस्याएं दूर करने वाले बाबा आपको बीमारी भी परोस सकते हैं. एमपी के रतलाम में ऐसा हुआ भी है जब एक संक्रमित बाबा ने अपने भक्तों को भी कोरोना बांट दिया.

ऐसे ही एक बाबा की 4 जून को कोरोना के कारण मौत हुई. प्रशासन ने बाबा के कॉन्टेक्ट तलाश कर लोगों को क्वारनटीन किया. जब इन सबके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे तो शहर में कोरोना विस्फोट हो गया. इस बाबा ने अपने मरने से पहले 29 लोगों को कोरोना बीमारी बांट दी.

रतलाम के नयापुरा का यह बाबा झाड़फूंक करता था और ताबीज देता था. लोग बड़ी संख्या में इसके पास जाते थे और यह कभी-कभी लोगों के हाथ भी चूमता था.

प्रशासन अभी और इस बाबा के संपर्क में आये लोगों को तलाश रहा है. इस बाबा के कारण जो कोरोना पॉजिटिव मिले हैं वह शहर के बाबा के निवास स्थान नयापुरा क्षेत्र के ही है. नयापुरा शहर का कोरोना हॉटस्पॉट बन गया है.

एक बाबा के कारण शहर में कोरोना फैला तो प्रशासन ने शहर में ऐसे बाबाओं को उठाना शुरू किया. करीब 29 बाबाओं को उठाकर विभिन्न क्वारनटीन सेंटर में भेजा गया है.

Source - Aaj Tak

कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद कितने दिन बाद करानी चाहिए जांच?

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कोरोना जांच

अगर कोई शख्स कोविड-19 से संक्रमित होता है और शुरुआती स्तर पर ही उसकी जांच की जाती है तो नतीजों में ऐसा हो सकता है कि वह संक्रमित न पाया जाए। जबकि असल में वह इस बीमारी की चपेट में आ चुका होता है। एक अध्ययन में यह दावा करते हुए कहा गया है कि इस विषाणु की जांच लक्षण दिखाई देने के तीन दिन बाद करना बेहतर होता है।

यह अध्ययन पत्रिका ‘एनल्ज ऑफ इंटरनल मेडिसिन’ में प्रकाशित हुआ है। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अस्पताल में भर्ती मरीजों समेत कई अन्य मरीजों के मुंह के लार के 1,330 नमूनों का विश्लेषण किया।

अध्ययन की सह लेखक लॉरेन कुसिर्का ने कहा, ‘चाहे किसी व्यक्ति में लक्षण हों या न हों, लेकिन वह संक्रमित नहीं पाया जाता है तो यह इस बात की गारंटी नहीं है कि वह विषाणु से संक्रमित नहीं है। संक्रमित न पाए जाने पर हम मानते हैं कि यह जांच सही है और इससे दूसरे लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।’

वैज्ञानिकों के अनुसार, जिन मरीजों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की अधिक आशंका होती है उनका संक्रमित मानकर इलाज करना चाहिए खासतौर से अगर उनमें कोविड-19 के अनुरूप लक्षण हैं। उनका मानना है कि मरीजों को जांच की कमियों के बारे में भी बताना चाहिए।

आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि संक्रमण की चपेट में आने के चार दिन बाद जिनकी जांच की जाती है उनमें 67 प्रतिशत से अधिक लोगों के संक्रमित न पाए जाने की संभावना होती है भले ही वे असल में संक्रमित होते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराने का सबसे सही समय संक्रमण के आठ दिन बाद है जो कि लक्षण दिखने के औसतन तीन दिन हो सकता है।

Source - Amar Ujala

Covid 19 India Update : लगातार नौवें दिन कोरोना वायरस के नौ हजार से ज्यादा मामले

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52 of 102 people who stayed at 13 mosques in Delhi's COVID-19 ...

भारत में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस के 9996 मामले दर्ज किए गए. यह इस समयावधि में संक्रमण के मामलों में हुई अब तक की सबसे तेज बढ़ोतरी है. इस तरह लगातार नौवें दिन कोरोना वायरस के मामलों का आंकड़ा नौ हजार से ऊपर दर्ज हुआ. बीते 24 घंटे के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से संक्रमण के चलते 357 लोगों की मौत की खबर भी आई. इस तरह देश में कोरोना वायरस के मरीजों और इससे मरने वालों का आंकड़ा 286579 और 8102 हो गया है.
इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है जहां मामलों की संख्या एक लाख की तरफ बढ़ रही है. राज्य में अब तक कोरोना वायरस से 3000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. इनमें 34 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. उधर, सरकार का कहना है कि टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है. उसके मुताबिक अब रोज ही एक लाख से ज्यादा लोगों का टेस्ट हो रहा है.
उधर, जानकार इस पर चिंता जता रहे हैं कि भारत में जिस तरह से लॉकडाउन में छूट दी जा रही है उससे हालात बिगड़ सकते हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे शहर देश में कोरोना वायरस संक्रमण के हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं. दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 30 हजार हो चुकी है जबकि मुंबई में यह आंकड़ा करीब 50 हजार है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कह चुके हैं कि जुलाई के आख़िर तक राजधानी में कोरोना वायरस के पांच लाख से अधिक मरीज हो सकते हैं.
Source - Satyagrah

आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट

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Supreme Court to hear AGR case on June 11 - Moneycontrol.com

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के कई राजनीतिक दलों के दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आरक्षण को लेकर बड़ी टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा कि आरक्षण कोई बुनियादी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने साथ ही इस याचिका को भी सुनने से इनकार कर दिया।


तमिलनाडु के DMK-CPI-AIADMK समेत कई पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में NEET के तहत मेडिकल कॉलेज में सीटों को लेकर तमिलनाडु में 50 फीसदी OBC आरक्षण के मामले पर याचिका दायर की थी।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसका मौलिक अधिकार छीना गया है ? याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलों से लगता है कि आप सिर्फ तमिलनाडु के कुछ लोगों के फायदे की हीं बात कर रहे है।

जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि कोई भी आरक्षण के अधिकार का दावा नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा, 'आरक्षण का अधिकार कोई मौलिक अधिकार नहीं है। आज यही कानून है।' तमिलनाडु में OBC छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज में सीटों आरक्षित नहीं करने को मौलिक अधिकार का उल्लंघन मानने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी की।

Source - NBT

ICC ने T20 WC कप पर अगले महीने तक टाला फैसला, IPL का इंतजार और बढ़ा

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ICC T20 World Cup 2020: New format and complete list of fixtures

इस साल अक्टूबर-नवंबर में निर्धारित टी20 वर्ल्ड कप पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) कोई फैसला नहीं ले पाई है. आईसीसी बोर्ड की बुधवार को टेलिकॉन्फ्रेंस के जरिए हुई बैठक में मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप पर अगले महीने तक फैसला टाल दिया गया. यानी एक महीने तक और इंतजार करने का फैसला किया. वर्ल्ड कप का आयोजन 18 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच ऑस्ट्रेलिया में होना है.

ICC बोर्ड ने पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2020 और महिला वर्ल्ड कप 2021 के भविष्य के बारे में एक महीने तक और इंतजार करने का फैसला किया. आईसीसी कई आपात योजनाओं को तलाशना जारी रखना चाहती है. बोर्ड ने COVID-19 के साथ तेजी से बदलती सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति का आकलन और मूल्यांकन जारी रखने की अपनी इच्छा व्यक्त की. जिसमें सरकारों सहित प्रमुख हितधारकों के साथ काम करना है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सभी के स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कैसे टूर्नामेंट का आयोजन किया जा सकता है.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुई बोर्ड बैठक के बाद बयान में कहा, ‘हमें इस पर फैसला करने के लिए केवल एक मौका मिलेगा और यह सही होना चाहिए. हम अपने सदस्यों, प्रसारकों, साझीदारों, सरकारों और खिलाड़ियों से सलाह लेना जारी रखेंगे, ताकि सुनिश्चित हो कि हम एक उचित फैसला करें.’

दिसंबर तक कर छूट की समय सीमा बढ़ा दी


आईसीसी बोर्ड ने हालांकि बीसीसीआई के साथ कर छूट को लेकर रस्साकशी को कम से कम इस साल दिसंबर तक खत्म करने का फैसला किया. उसने भारतीय बोर्ड के लिए देश की केंद्र सरकार से कर छूट हासिल करने की समय सीमा बढ़ा दी, जो आईसीसी टूर्नामेंट जैसे विश्व टी20 और वनडे विश्व कप के आयोजन के लिए अनिवार्य है.

समझा जा रहा था कि कोविड-19 महामारी के कारण बनी परिस्थितियों में टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन टलने पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) कराने का रास्ता खुल जाएगा. यानी बीसीसीआई इस अक्टूबर-नवंबर के विंडो को आईपीएल के लिए इस्तेमाल में लाएगा. अब आईपीएल के आयोजन की रणनीति तय करने के लिए और इंतजार करना पडे़गा.

इससे पहले लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस बैठक के बाद ऑस्ट्रेलिया में होने वाले पुरुष टी20 वर्ल्ड कप को 2022 तक स्थगित करने का ऐलान संभव है. आईसीसी बोर्ड की पिछली बैठक 28 मई को हुई थी, जिसमें टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर 10 जून तक फैसला टाला गया था.

Source - Aajtak

मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं बॉलीवुड की हसीनाएं, देखें फोटोज

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मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं अरबाज की गर्लफ्रेंड, दोस्त संग दिखीं रकुल प्रीत

अनलॉक 1.0 का फेज आते ही सेलेब्स भी घर से बाहर निकलने लगे हैं. रव‍िवार को अरबाज खान की गर्लफ्रेंड जॉर्ज‍िया एंड्र‍ियानी और एक्ट्रेस रकुल प्रीत को वॉक पर जाते हुए स्पॉट किया गया. इवनिंग वॉक पर निकले इन सितारों की फोटोज लंबे समय बाद सामने आई है.

मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं अरबाज की गर्लफ्रेंड, दोस्त संग दिखीं रकुल प्रीत

जहां एक ओर जॉर्जिया अपने कुत्ते को लेकर वॉक पर निकली हैं, वहीं रकुल अपनी दोस्त के साथ नजर आईं. सभी ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था.

मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं अरबाज की गर्लफ्रेंड, दोस्त संग दिखीं रकुल प्रीत

लॉकडाउन के दौरान जॉर्जिया, अरबाज खान के साथ रह रहीं थी. उन्होंने इंस्टाग्राम पर अरबाज की शेविंग करते हुए एक वीड‍ियो साझा की थी. यह वीड‍ियो फैंस के बीच काफी वायरल हुआ था.

मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं अरबाज की गर्लफ्रेंड, दोस्त संग दिखीं रकुल प्रीत

इटली की एक्ट्रेस, मॉडल और डांसर जॉर्जिया एंड्रियानी अरबाज संग रिलेशन को लेकर चर्चा में रहती हैं. दोनों को कई मौकों पर साथ स्पॉट किया गया है. अरबाज, जॉर्जिया के साथ अपने रिलेशनश‍िप के बारे में खुलकर बात करते हैं.

मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं अरबाज की गर्लफ्रेंड, दोस्त संग दिखीं रकुल प्रीत

वहीं एक्ट्रेस रकुल प्रीत भी बहुत दिनों बाद बाहर की खुली हवा में नजर आईं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी समुद्र किनारे का नजारा शेयर किया है, जहां उनके पीछे कई लोग मास्क लगाकर सनसेट का मजा लेते दिखाई दिए.

मास्क लगाकर वॉक पर निकलीं अरबाज की गर्लफ्रेंड, दोस्त संग दिखीं रकुल प्रीत

हाल ही में एक्टर कमाल राशिद खान ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि लॉकडाउन में रकुल शराब खरीद रही हैं. इसपर रकुल ने भी लिखा, 'अरे वाह. मुझे नहीं पता था कि मेडिकल स्टोर भी शराब बेच रहे थे.'

Source - Aajtak

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ

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इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

कोरोना वैक्सीन बनाने में दुनिया की बड़ी से बड़ी फॉर्मा कंपनियां जुटी हैं. अब भारत की कंपनी Panacea Biotec ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए अमेरिकी कंपनी Refana Inc से हाथ मिलाया है. पैनेसिया बॉयोटेक ने रेगुलेटरी फा​इलिंग में यह जानकारी दी है.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

दोनों कंपनियों के बीच ये साझेदारी इनएक्टिवेटेड वायरस बेस्ड वैक्सीन बनाने के उद्देश्य से हुआ है. ये भारतीय कंपनी रेफाना के साथ मिलकर कोविड-19 के संभावित टीके की 50 करोड़ से ज्यादा डोज बनाना चाहती है, जिसकी 4 करोड़ से अधिक डोज अगले साल तक आपूर्ति का लक्ष्य है.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

इस बारे में पैनेसिया बॉयोटेक के प्रबंध निदेशक राजेश जैन ने कहा कि दुनिया को एक सुरक्षित और प्रभावी टीके की जरूरत है जो मौजूदा विनिर्माण सुविधाओं में बड़े स्तर पर उत्पादित किया जा सके और वैश्विक मांग को पूरा कर सके.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

साझेदारी के तहत Panacea Biotec प्रॉडक्ट डेवलपमेंट और कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग की जिम्मेदारी संभालेगी, वहीं ज्वॉइंट वेंचर एंटिटी क्लीनिकल डेवलपमेंट और रेगुलेटरी सबमिशंस पर काम करेगी. दोनों कंपनी के बीच इस वैक्सीन पर 50-50 हिस्सेदारी तय हुई है.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

राजेश जैन ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि इस वैक्सीन का एनिमल ट्रायल हो चुका है, जो अब तक सेफ है और प्रभावी रहा है. उन्होंने बताया कि अगस्त से सितंबर के बीच में मानव ट्रायल के लिए ड्रग अथोरिटी को अप्लीकेशन लगाएंगे.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

पैनेसिया बॉयोटेक की योजना है कि अक्टूबर में ह्यूमन ट्रायल का फेस-1 स्टार्ट कर दिया जाएगा. साथ ही कंपनी वैक्सीन का प्रोडक्शन भी शुरू कर देगी. दिसंबर- 2020 और जनवरी- 2021 में हर महीने 40 मिलियन वैक्सीन का डोज तैयार करने का लक्ष्य है. इस वैक्सीन की स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन बेहद आसान होगी.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

राजेश जैन ने बताया कि कम कीमत पर वैक्सीन उपलब्ध कराने की योजना है, उन्होंने बताया कि सफलता मिलने के बाद भारत में इस्तेमाल के साथ-साथ एक्सोर्ट की भी योजना है. उन्होंने बताया कि दूसरी कंपनियों द्वारा बनाई जा रहीं वैक्सीन से ये बिल्कुल अलग है, और इसकी सफलता की उम्मीद ज्यादा है.

इस भारतीय कंपनी की वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरिकी फार्मा से करार

जहां तक इस वैक्सीन को बनाने में लागत की बात है कि फंडिंग विदेशी कंपनी कर रही है. पैनेसिया बॉयोटेक फंडिंग नहीं कर रही है. उन्होंने बताया थोड़ी और कामयाबी मिल जाने के बाद सरकार से वैक्सीन को लेकर कंपनी संपर्क करेगी. अमेरिकी कंपनी से डील की खबर के बाद बुधवार को पैनेसिया बॉयोटेक के शेयरों में 20 फीसद उछाल के साथ अपर सर्किट लग गया.

Source - Aajtak

लोनार झील का पानी अचानक लाल हुआ, देखने उमड़ी भीड़

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अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

महाराष्ट्र के बुलढाना जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां की मशहूर लोनार झील का पानी अचानक लाल रंग में बदल गया है. पहली बार हुए इस बदलाव को देखकर आम लोग और वैज्ञानिक हैरान हैं.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

बुलढाना जिले के तहसीलदार सैफन नदाफ ने बताया कि पिछले 2-3 दिन से लोनार झील का पानी लाल रंग में बदल गया है. हमने वन विभाग को पानी के सैंपल लेकर जांच कर कारण पता करने को कहा है.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

वैज्ञानिकों का कहना है कि लोनार झील में हैलोबैक्टीरिया और ड्यूनोनिला सलीना नाम के कवक (फंगस) की वजह से पानी का रंग लाल हुआ है. निसर्ग तूफ़ान की वजह से बारिश हुई जिस कारण हैलोबैक्टीरिया और ड्यूनोनिला सलीना कवक झील की तलहट में बैठ गए और पानी का रंग लाल हो गया. हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना यह भी है कि लोनार झील का पानी लाल होने के पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं. जिसकी जांच होना अभी बाकी है.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

वहीं, लोनार झील के पानी का रंग लाल होने के बाद आसपास के इलाकों से बड़ी तादाद में लोग झील देखने के लिए आ रहे हैं. कुछ लोग तो इसे चमत्कार मान रहे हैं तो वहीं कई अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

मालूम हो कि लोनार झील बेहद रहस्यमयी है. नासा से लेकर दुनिया भर की तमाम एजेंसियां इस झील के रहस्यों को जानने में बरसों से जुटी हुई है.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़


लोनार झील का आकार गोल है. इसका ऊपरी व्यास करीब 7 किलोमीटर है. जबकि यह झील करीब 150 मीटर गहरी है. अनुमान है कि पृथ्वी से जो उल्का पिंड टकराया होगा, वह करीब 10 लाख टन का रहा होगा जिसकी वजह से झील बनी थीं.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

लोनार झील का पानी खारा है. इस झील से जुड़ा हैरान करने वाला एक वाकया यहां के ग्रामीण भी बताते हैं. वो कहते हैं कि 2006 में यह झील सूख गई थी. उस वक्त गांव वालों ने पानी की जगह झील में नमक देखा था साथ ही अन्य खनिजों के छोटे-बड़े चमकते हुए टुकड़े देखे. लेकिन कुछ ही समय बाद यहां बारिश हुई और झील फिर से भर गई.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

हाल ही में लोनार झील पर हुए शोध में यह सामने आया है कि यह लगभग 5 लाख 70 हजार साल पुरानी झील है. यानी कि यह झील रामायण और महाभारत काल में भी मौजूद थी.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

वैज्ञानिकों का मानना है कि उल्का पिंड के पृथ्वी से टकराने के कारण यह झील बनी थी, लेकिन उल्का पिंड कहां गया  इसका कोई पता अभी तक नहीं चला है.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

वहीं, सत्तर के दशक में कुछ वैज्ञानिकों ने यह दावा किया था कि यह झील ज्वालामुखी के मुंह के कारण बनी होगी. लेकिन बाद में यह गलत साबित हुआ, क्योंकि यदि झील ज्वालामुखी से बनी होती, तो 150 मीटर गहरी नहीं होती.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

नासा के वैज्ञानिकों ने कुछ साल पहले इस झील को बेसाल्टिक चट्टानों से बनी झील बताया था. साथ ही यह कहा था कि इस तरह की झील मंगल की सतह पर पाई जाती है. क्योंकि इसके पानी के रासायनिक गुण भी वहां की झीलों के रासायनिक गुणों से मेल खाते हैं.

अचानक लाल हुआ लोनार झील का पानी, वैज्ञानिक हैरान, देखने उमड़ी भीड़

इस झील को लेकर कई पौराणिक ग्रंथों में भी जिक्र मिलता है. जानकार बताते हैं कि झील का जिक्र ऋग्वेद और स्कंद पुराण में भी मिलता है. इसके अलावा पद्म पुराण और आईन-ए-अकबरी में भी इसका जिक्र है. लोनार झील की एक ख़ास बात यह भी है कि यहां कई प्राचीन मंदिरों के भी अवशेष हैं. इनमें दैत्यासुदन मंदिर भी शामिल है. यह भगवान विष्णु, दुर्गा, सूर्य और नरसिम्हा को समर्पित है. इनकी बनावट खजुराहो के मंदिरों जैसी है.

Source - Aajtak

India Weather Update: उमस से भारत के कई हिस्‍से बेहाल, जानिए कब तक राहत का अनुमान

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Delhi Weather Forecast: अगले हफ्ते तक दिल्ली ...

उमस से जूझ रहे उत्‍तर-मध्‍य भारत को अगले कुछ दिन में राहत मिल सकती है। फिलहाल दिल्‍ली में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास झूल रहा है। बिहार, उत्‍तर प्रदेश और हरियाणा में भी पारा इसी के आसपास है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, साउथ वेस्‍ट मॉनसून ने पश्चिम-मध्‍य भारत और बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ना शुरू किया है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते, मैदानी इलाकों में तीन-चार दिन में बारिश के आसार हैं। कई राज्‍यों में 12-15 जून के बीच अच्‍छी-खासी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्‍तर भारत पर जल्‍द पड़ेंगी फुहारें

उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, बिहार, झारखंड जैसे राज्‍यों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी में 12-14 जून के बीच गरज के साथ हल्‍की बारिश हो सकती है। बिहार में मॉनसून जल्‍द दस्‍तक दे सकता है। निम्‍न दबाव का एक क्षेत्र भी बारिश में मदद करेगा। वहां के कई जिलों में अगले 48 घंटों के भीतर बारिश के आसार हैं। कोंकण-गोवा रीजन में भी इसी दौरान बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिणी छत्‍तीसगढ़ और ओडिशा में भी इसी हफ्ते मॉनसून की आमद हो सकती है।

बाकी राज्‍यों का क्‍या है हाल

केरल और तटीय कर्नाटक में मॉनसून के चलते बारिश तेज होने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और तेलंगाना में 10-13 जून के बीच भारी बारिश की संभावना है। वहीं तमिलनाडु के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। मॉनसून अगले 48 घंटों के भीतर कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्‍ट्र के कुछ इलाकों, तटीय आंध्र प्रदेश और नॉर्थईस्‍ट के राज्‍यों में दस्‍तक दे सकता है।

पिछले 24 घंटों में क्‍या हुआ?

बीते 24 घंटों के दौरान गुजरात के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। कुछ स्थानों पर मूसलाधार वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। तटीय कर्नाटक, दक्षिणी कोंकण व गोवा, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई है। फिलहाल हरियाणा, पंजाब, दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत में मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों, पंजाब, पूर्वी बिहार, पश्चिम बंगाल और शेष पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

Source - NBT

जम्मू और कश्मीर : भारतीय सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया

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Shopian has seen three encounters this week. 3 terrorists are trapped as gunbattle continues between terrorists and the armed forces.

जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में बुधवार को दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में शोपियां के सुगू इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिलने के बाद सुबह इलाके की घेराबंदी की गई और तलाश अभियान चलाया।

उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।

शोपियां में चार दिन में यह तीसरी मुठभेड़ है। रविवार और सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ों में हिज्बुल मुजाहिदीन के नौ आतंकवादी मारे गए थे।

Source - Hindustan Times
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