Monday, July 22दुनियाभर की मजेदार खबरों और कहानियों का स्टॉल

Balakot Airstrike: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ये दावा कितना सही है कि बादलों के कारण भारतीय मिराज पाकिस्तानी रडार से बचे

Balakot Airstrike: अपने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि बालाकोट में भारतीय वायसेना द्वारा एयर स्ट्राइक करने से पहले खूब बारिश हुई जिसके बाद हमले के विशेषज्ञ तारीख बदलना चाहते थे, लेकिन मैंने (पीएम मोदी) कहा कि इतने बादल हैं, बारिश हो रही है तो एक फ़ायदा है कि हम पाकिस्तानी रडार (RADAR) से बच सकते हैं, सब उलझन में थे क्या करें. फिर मैंने कहा बादल है, जाइए… और (सेना) चल पड़े…

RADAR बादलों में काम करता है या नहीं

प्रधानमंत्री का कहना है कि बालाकोट हमले के दौरान बादलों का फ़ायदा भारतीय सेना ने तकनीक रूप से उठाया और भारतीय मिराज पाकिस्तान RADAR से बच सका और लक्ष्य पर हमला करने में कामयाब हुआ.

विज्ञान मामलों के जानकार पल्लव बागला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को ग़लत ठहराते हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा, “जहां तक मेरी जानकारी है, RADAR को बादलों से फर्क नहीं पड़ता है. इसकी सूक्ष्म तरंगें बादलों को भेद कर जाती है और विमानों का पता लगाती है. प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान तकनीकी रूप से बिल्कुल ग़लत है.”

पल्लव बागला समझाते हैं कि बादलों की वजह से कौन से सैटेलाइट या तस्वीर लेने वाले उपकरण काम करना बंद कर देते हैं. वो कहते हैं, “जब अंतरिक्ष में ऑप्टिकल सैटेलाइट (तस्वीर लेने वाले सैटेलाइट) बादलों और रोशनी की कमी की वजह से तस्वीरें लेना बंद कर देते हैं तो रडार इमेजिंग का सैटेलाइट लगाया जाता है, जिससे अंतरिक्ष से एक शक्तिशाली सूक्ष्म तरंगें भेजी जाती हैं, वो रिफ्लेक्ट होकर (लक्ष्य से टकरा कर) वापस जाती है, उससे जो तस्वीरें बनती हैं, उसे देखा जा सकता है.”

हालांकि बालाकोट मामले में भारतीय विमान का पता लगाने के लिए जमीन वाले RADAR के इस्तेमाल की बात प्रधानमंत्री अपने इंटरव्यू में कर रहे थे.

RADAR होता क्या है और यह काम कैसे करता है

RADAR यानि Radio Detection And Ranging.
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना के एक प्रोफेसर के मुताबिक RADAR का इस्तेमाल विमान, जलयान, मोटरगाड़ियों आदि की दूरी, ऊंचाई, दिशा और गति का पता लगाने के लिए किया जाता है.

इसके अलावा RADAR की मदद से मौसम में आ रहे बदलावों का भी पता लगाया जाता है. यह ‘रिफ्लेक्शन ऑफ इलेक्ट्रोमैगनेटिक वेव्स’ के नियमों पर काम करता है. RADAR में दो उपकरण होते हैं, सेंडर और रिसीवर.

सेंडर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स यानी सूक्ष्म तरंगों को टारगेट यानी लक्ष्य की ओर भेजता है, जो उससे टकराकर वापस रिसीवर को मिलती हैं. भेजने और प्राप्त करने के बीच कितना समय लगा, इसके आधार पर विमान की दूरी, ऊंचाई और गति के बारे में पता लगाया जाता है.

नोट : यह लेख बीबीसी हिंदी में प्रकाशित हो चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *