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IAF Strikes | India Pakistan crisis and Media : क्यों भारत और पाकिस्तान की मीडिया युद्ध जैसे हालात पैदा करना चाह रही है?

India Pakistan Media

IAF Strikes | India Pakistan crisis and Media : पुलवामा हमले के बाद भारत (India) द्वारा की कार्रवाई (IAF Strikes) के बाद पाकिस्ताान (Pakistan) के साथ बढ़ता तनाव गुरुवार शाम को पड़ोसी देश के ऐलान के बाद थोड़ा कम हो गया. दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ऐलान किया कि वे विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को शुक्रवार को रिहा कर देंगे.

इस ऐलान के बाद भारत-पाक (India Pakistan Crisis) के बीच की तनातनी को जरूर कम हुई है. लेकिन, इसका मतलब ये भी नहीं है कि दोनों देशों के बीच तनाव खत्म हो गया. पुलवामा अटैक के बाद से भारत और पाकिस्तान में जो जंग के माहौल बना है क्या वाकई ही वह जायज है? क्या इस तनाव और आतंकवाद का रास्ता युद्ध ही है?

इन सवालों के जवाब ढूंढे तो साफ है कि किसी भी बहस व तनाव का रास्ता युद्ध नहीं है. दोनों मुल्कों की मीडिया ने जंग का माहौल बनाया व लोगों के बीच ईर्ष्या फैलाने की भूमिका निभाई. इस संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर भी कई यूजर ने खूब आग उगली लेकिन ये समझना होगा कि युद्ध से किसी भी मुद्दे का हल नहीं निकलेगा. युद्ध से देश तो दशकों पीछे जाता है ही साथ ही जंग का फायदा सीधे नेता को होगा जो अपनी कुर्सी के लालच में कुछ भी कर सकता है.

पुलवामा अटैक में 44 जवानों की शहादत के बाद जो रास्ता भारत ने अपनाया वह काबिल-ए-तारीफ था. पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीदों की 13वीं यानी 26 फरवरी को भारत ने जवाबी कार्रवाई में बालाकोट व कई जगह आतंकी शिविरों को नेस्तनाबूद कर दिया.

सरकार और सेना आंकड़ों की मानें तो करीब 300 आतंकवादी इस कार्रवाई में मारे गए. इस हमले के बाद पाकिस्तान के होश उड़े और उसने कई बयान दिए जिसमें उसने पहले तो मानने से ही इंकार कर दिया कि पाकिस्तान में कोई हमला भी हुआ है. इसके बाद पाक पलटते हुए भारत की शिकायत यूएन में भी करने गया.

खैर, पाकिस्तान भारत के इस कदम से बौखला गया और दिन दहाड़े ही F16 विमानों के जरिए भारत के सैन्य कैंपों पर बमबारी के मकशद से भारतीय सीमा पर पहुंचा। पाकिस्तान के इन इरादों को भारत ने उन्हें एक बार फिर धूल चंटाई. हालांकि, इस घटना में भारत का विमान को नुकसान पहुंचा और विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान भी पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हैं।

पड़ोसी मुल्क से जो जानकारी आई हैं उनके मुताबिक विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने बताया कि पाक सैनिकों ने उनके साथ बर्बरता नहीं की और उनका इलाज करवाया. उनका वीडियो जारी होने के बाद उनके परिजनों समेत कई भारतीयों ने चैन की सांस ली.

इस बीच भारत सरकार ने देश, बॉलीवुड, उद्योग तमाम जगत से दबाव पड़ा कि वह विंग कमांडर को सही सलामत भारत वापस लाए. जिसके बाद भारत ने अमेरिका, चीन, ईरान और सउदी अरब में इस मामले को जोर उठाया और इन देशों का साथ हासिल किया. जिसके बाद कमांडर को हिरासत में लेने के ठीक एक दिन बाद पाकिस्तान ससंद में पाक पीएम इमरान खान ने ऐलान किया कि वह शांति की ओर कदम बढ़ाते हुए पायलट को 1 मार्च को रिहा कर देंगे.

कई कारण मौजूद हैं जब पाकिस्तान को बेबस होकर भारत के आगे बहुत जल्द ही घुटने टेकने पड़े. चीन का साथ पाकिस्तान के पास होने के बावजूद पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया. फिलहाल सब उतना तो ठीक नहीं हो पाया लेकिन जंग जैसा भी कुछ नहीं हुआ जैसा कि मीडिया दिखाना चाह रहा था. सोशल मीडिया पर यह भी बार बार कहा जा रहा था कि सेंसेटिव फोटो वीडियो व खबर को मत प्रसारित करो लेकिन खुद मीडिया ही ऐसे करने में पीछे नहीं हटा.

भारत और पाक देशों की मीडिया ने इस नाजुक मौके पर संयम और नैतिकता को ताक पर रखते हुए जैसी रिपोर्टिंग की वो विनाश को निमंत्रण देने वाली थी. दोनों देशों की मीडिया ने ये रास्ता क्यों अपनाया तो इसका एक ही उत्तर है. टीआरपी का भूखा मीडिया अपनी इस भूख मिटाने के लिए युद्ध जैसे माहौल तैयार करने पर जुटा हुआ था.

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