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Budget 2019 : क्या हुआ सस्ता क्या हुआ महंगा, किसे क्या मिला, जानें आसान भाषा में सब-कुछ

Budget 2019

Budget 2019 : नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आम बजट पेश कर दिया. Budget 2019 में आम से लेकर खास लोगों के लिए कई सारी घोषणाएं की गई हैं. आइए जानतें है इस बजट के पारित हो जाने के बाद कौन सी चीजें मंहगी हो जाएंगी और कौन सी चीजों के दाम कम हो जाएंगे. इसके साथ आसान शब्दों में जानेंगे (Everything about Budget 2019 in Hindi) कि Budget 2019 से किसे क्या मिला.

बजट 2019 ये चीजें होंगी मंहगी

बजट 2019 में पेट्रोल-डीजल पर दोनों पर एक-एक रुपये का अतिरिक्त सेस लगाने का प्रस्ताव रखा गया है इससे ये दोनों ईंधन महंगे हो जाएंगे. 

सोने और दूसरी बहुमूल्य धातुओं के आयात पर सीमा शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने की भी घोषणा की गई है, जिससे इन धातुओं का भी महंगा होना भी तय है.

आयातित ऑटो पार्ट, सिंथेटिक रबर, टाइल्स, पीवीसी, सीसीटीवी और डिजिटल वीडियो कैमरा भी महंगे हो जाएंगे.

हर बार की तरह इस बार भी सिगरेट और दूसरे तंबाकू उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.

बजट 2019 ये चीजें होंगी सस्ती

केंद्र सरकार ने बजट में इलेक्ट्रिक कारों पर लगने वाले 12% के जीएसटी को घटाकर 5% करने की भी घोषणा की है. इस प्रस्ताव के बाद इन कारों के दाम घटेंगे.

रक्षा उपकरण और चमड़े के सामान के साथ ही रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें जैसे बालों का तेल, शैंपू, दंत मंजन, पंखे, लैंप, बांस से बना फर्नीचर इत्यादि सस्ते होंगे.

घर की रसोई के लिहाज से देखा जाए तो बर्तन, नमकीन, बोतल और कंटेनर जैसी चीजें भी सस्ती होंगी.

अब अपना मकान खरीदना भी सस्ता होगा. क्योंकि इस बजट में 45 लाख रुपये तक के होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट को दो लाख रुपये से बढ़ाकर साढ़े तीन लाख रुपये करने की घोषणा भी की है.

बजट 2019 की बड़ी बातें

भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 3,000 अरब डॉलर की हो जाएगी.

दुनियाभर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में पिछले तीन सालों के दौरान गिरावट आने के बावजूद भारत में 2018-19 में एफडीआई छह प्रतिशत बढ़कर 64 अरब डालर से अधिक रहा.

सरकार भारत को एफडीआई के लिए आकर्षक स्थान बनाने के प्रयास जारी रखेगी.

भारतमाला योजना के दूसरे चरण में राज्यों को राज्यस्तरीय सड़कों के विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

भारतमाला, सागरमाला और उड़ान जैसी योजनाएं ग्रामीण-शहरी अंतर को पाट रही हैं और परिवहन ढांचागत सुविधा में सुधार ला रही हैं.

सरकार विमानन क्षेत्र में रखरखाव, मरम्मत, जीर्णोद्धार (रेस्टोरेशन) को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त नीति तैयार करेगी.

खाद्य सुरक्षा पर खर्च का स्तर 2014-19 के दौरान पिछले पांच साल के दौरान लगभग दोगुना हुआ.

बजट 2019 की बड़ी योजनाएं

‘प्रधानमंत्री कर्म योगी मान धन योजना’ के तहत करीब तीन करोड़ खुदरा व्यापारियों और दुकानदारों के लिए पेंशन योजना.

देश को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बुनियादी ढांचे और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारी निवेश किया जाएगा.

रोजगार सृजन पर जोर देने की योजना शुरू की जाएगी.

सरकार विमानन, मीडिया और बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के मामले में संबंधित पक्षों के साथ बातचीत के बाद फैसला करेगी. बीमा मध्यस्थ (इंटरमीडियेटरी) क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी जाएगी.’

राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यक्रम का व्यापक रूप से पुनर्गठन किया जाएगा ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रिड का सृजन सुनिश्चित हो सके.

पिछले पांच सालों में 1.5 करोड़ गरीब परिवारों को मकान उपलब्ध कराए गए. 2022 तक और 1.95 करोड़ गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए जाएंगे.

बजट 2019 किसे क्या मिला

किसान

अगले 5 साल में10 हजार नए किसान उत्पादक संगठनों का निर्माण का लक्ष्य रखा गया है.
किसानों की आय दोगुनी करने के लिए जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा और खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटने का लक्ष्य रखा गया है.
खाद्यानों, दलहनों, तिलहनों, फलों और सब्जियों की स्व-पर्याप्तता और निर्यात पर विशेष रूप से जोर दिया गया.

महिला-युवा

‘नारी तू नारायणी’ योजना प्रस्तिवत की गई है. देश के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सुझाव देने के लिए कमेटी गठित की जाएगी.
बैंक में जनधन खाताधारक महिलाओं को 5000 रुपए के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी.
स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली किसी एक महिला को मुद्रा स्कीम के तहत 1 लाख रुपए का कर्ज देने का प्रस्ताव रखा गया है.

उद्योग

हवाई क्षेत्र, मीडिया, एनिमेशन, बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने की संभावनाएं खोजी जाएंगी. 
मध्यवर्ती बीमा संस्थाओं में 100% एफडीआई की परमिशन दी जाने की घोषणा की गई है.  
रिटेल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सिंगल ब्रांड रिटेल में निवेश मानक आसान किए जाने की बात कही गई है.
स्टार्टअप्स के लिए नया एक्लूसिव टीवी चैनल शुरु किए जाने की घोषणा की गई है.
शेयर मार्केट में लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम सरकारी शेयरधारिता 25% से बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव रखा गया है.
सृजनात्मक उद्योग को अर्थव्यवस्था से जोड़ने और बौद्धिक संपदा संरक्षित कर नअंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच देने का प्रस्ताव रखा गया है.

शिक्षा

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है और 400 करोड़ रुपये के निवेश से विश्व स्तरीय संस्थान बनाने का प्रस्ताव है. 
नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाने का प्रस्ताव किया गया है.राष्ट्रीय हित के रिसर्च को प्राथमिकता दी जाएगी.

व्यापारी

प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना से 1.5 करोड़ रुपये से कम कारोबार वाले खुदरा व्यापारियों को पेंशन देने की घोषणा की गई है.
सभी दुकानदारों को 59 मिनट में लोन देने का प्रस्ताव रखा गया है.

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