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Amarnath Yatra 2019 : अमरनाथ यात्रा से जुड़ी अनजान बातें, जानें क्या है तीर्थयात्रा की मान्यता

Amarnath Yatra 2019

हिंदू धर्म की पवित्र अमरनाथ यात्रा 2019 (Amarnath Yatra 2019) सोमवार (1 जुलाई) को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई. पहले जत्थे में 2,000 से ज्‍यादा तीर्थयात्री हिमालय में स्थित पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। रविवार को Amarnath Yatra 2019 के पहले जत्थे के रवाना होने के बाद जम्मू से 4,400 से ज्यादा यात्री कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए हैं।

फोटो – ट्विटर

कहां है पवित्र गुफा

हिमालय में स्थित पवित्र गुफा दक्षिण कश्मीर में हिमालय की चोटी में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है. यह पवित्र गुफा 160 फुट लंबी, 100 फुट चौड़ी और काफी ऊंची है.

क्या है यात्रा मार्ग

फोटो – ट्विटर

पवित्र अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर राज्य के अनंतनाग जिले के 36 KM लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदेरबल जिले के 14 KM लंबे बालटाल मार्ग से होती है. पहलगाम से चंदनवारी, पिस्सु टॉप, शेषनाग, पंचतरणी होते हुए पवित्र गुफा पहुंचते हैं. पहलगाम से चंदनवाड़ी तक छोटे चार पहिया वाहन चलती हैं. यहां से गुफा की दूरी करीब 17 KM है. इतना ही नहीं अब तीर्थयात्री हेलिकॉप्टर की मदद से भी यहां पहुंच सकते हैं।

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क्या हैं धार्मिक मान्यताएं

पवित्र अमरनाथ गुफा के बारे में हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस पवित्र गुफा में बर्फ का शिवलिंग है. यही कारण है कि इसे बाबा बर्फानी भी कहते हैं. इसके साथ ही इसे ‘अमरेश्वर’ भी कहा जाता था. हिंदू धर्मग्रंथों की माने जाए तो इसी गुफा में भगवान शिव ने अपनी पत्नी पार्वती को अमरत्व का मंत्र सुनाया था.

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कैसी है सुरक्षा व्यवस्था

अमरनाथ की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा खास इंतजाम किये जाते हैं. कई स्तरों में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. सीआरपीएफ कर्मियों का एक विशेष मोटरसाइकिल दस्ता यात्रियों के साथ चलता है। इन सुरक्षाकर्मियों के हेलमेट पर कैमरे लगे हैं. इसके साथ ही आधार शिविरों और संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं.

फोटो – ट्विटर एएनआई

इसके साथ ही तीर्थयात्रियों की गाड़ियों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगा है, जिससे सभी गाड़ियां संबंधित सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से जुड़े राडार से कनेक्टेड रहते हैं. इसके साथ कटआफ समय के बाद किसी भी वाहन को एक प्वाइंट से आगे नहीं जाने दिया जाता है.

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अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जाती हैं. बता दें कि एक कंपनी में 120 जवान होते हैं.

कौन करवाता है अमरनाथ यात्रा

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अमरनाथ यात्रा की की पूरी व्यवस्था अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड करता है. इस श्राइन बोर्ड के बाद सभी तीर्थयात्रियों का ब्यौरा होता है. यात्रा से जुड़ी सारी सुविधा यही श्राइन बोर्ड मुहैया करवाता है. किसी भी तीर्थयात्री के साथ ठगी न हो इसलिए श्राइन बोर्ड पहले से सभी चीजों के दाम तय कर देता है।इतना ही बोर्ड पंजीकरण के साथ ही यात्रियों का बीमा भी करता है.

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